पर्यावरण विषय पर व्याख्यान
जेसीडी मेमोरियल इंजीनियरिंग कॉलेज में “पर्यावरण विषय पर व्याख्यान का आयोजन
पर्यावरण, प्रदूषण व जैविक खेती पर जताई चिंता: डॉ. नरेंद्र सिंह बेनीवाल
जेसीडी विद्यापीठ में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सदैव जागरूक: डॉ जयप्रकाश
सिरसा 12 मई 2026: जे सी डी विद्यापीठ सिरसा के अंतर्गत स्थापित जे सी डी मेमोरियल इंजीनियरिंग कॉलेज में “पर्यावरण और हम कहाँ खड़े हैं” विषय पर एक प्रेरणादायक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान का आयोजन जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ जयप्रकाश के मार्गदर्शन में किया गया था जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त जिला उद्यान अधिकारी श्री नरेंद्र सिंह बेनीवाल उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि जेसीडी विद्यापीठ पर्यावरण की सुरक्षा हेतु सदैव प्रयासरत है यहां समय-समय पर वृक्षारोपण के माध्यम से छात्रों एवं स्टाफ सदस्यों को जागरूक किया जाता है।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता ने विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों को वर्तमान समय में बढ़ती पर्यावरणीय और सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरूक किया तथा उनके व्यवहारिक समाधान भी प्रस्तुत किए।
अपने संबोधन में श्री नरेंद्र सिंह बेनीवाल ने कहा कि आज मानव अनेक गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या, बेरोजगारी, महंगाई, प्रदूषण, प्राकृतिक संसाधनों की कमी तथा पर्यावरण असंतुलन को वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियाँ बताया। उन्होंने कहा कि देश में 80 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा के आसपास जीवन यापन कर रहे हैं तथा भारत पर बढ़ते आर्थिक कर्ज के कारण परिस्थितियाँ और गंभीर होती जा रही हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शुद्ध हवा और स्वच्छ जल जैसे प्राकृतिक संसाधन तेजी से समाप्त हो रहे हैं। ओजोन परत में लगातार छेद बढ़ रहा है तथा वर्ष 2040 तक पृथ्वी पर केवल 4 प्रतिशत शुद्ध पानी ही उपलब्ध रहने की संभावना जताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि वर्षा की मात्रा में लगातार कमी आ रही है तथा खेती योग्य भूमि भी कम होती जा रही है। प्रतिवर्ष लगभग 40 लाख एकड़ पेड़ों की कटाई हो रही है और जंगलों का क्षेत्रफल घटकर लगभग 20 प्रतिशत ही रह गया है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि, बिजली की बढ़ती लागत तथा खाद्य पदार्थों में मिलावट समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि नशे की प्रवृत्ति समाज में तेजी से बढ़ रही है तथा दूध एवं अन्य खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के कारण मिलावट भी बढ़ती जा रही है।
उन्होंने बताया कि पर्यावरण प्रदूषण के कारण कैंसर, डायबिटीज, गठिया, कोरोना जैसी बीमारियाँ तेजी से फैल रही हैं। साथ ही नकली दवाइयों की समस्या भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि देश में सूखे की समस्या बढ़ रही है और कचरे के निपटान का स्थायी समाधान अभी तक नहीं मिल पाया है। मानवीय जीवन में आपसी सहयोग, सकारात्मक सोच और समय का अभाव भी सामाजिक समस्याओं को बढ़ा रहा है।
इन सभी समस्याओं के समाधान पर प्रकाश डालते हुए श्री बेनीवाल ने कहा कि हमें जीवन में सकारात्मक सोच अपनानी होगी तथा जैविक खेती को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि पशुओं से प्राप्त गोबर और जैविक अवशेषों से खाद तैयार कर ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे न केवल भूमि की उर्वरता बढ़ेगी बल्कि पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे देश में रहकर ही अपने भविष्य का निर्माण करें तथा किसानों की सहायता और आपसी सहयोग की भावना से समाज को मजबूत बनाएं।
उन्होंने कहा कि समस्याएँ अनेक हैं, लेकिन यदि सभी मिलकर प्रयास करें तो हर समस्या का समाधान संभव है। “एक अकेला कुछ नहीं कर सकता, लेकिन मिलकर कार्य करने से बड़ी से बड़ी चुनौती का समाधान निकाला जा सकता है।”
इस अवसर पर जेसीडी मेमोरियल इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वरिंदर सिंह तथा कोऑर्डिनेटर इंजीनियर आर.एस. बराड़ ने मुख्य वक्ता श्री नरेंद्र सिंह बेनीवाल का आभार व्यक्त किया तथा उनके प्रेरणादायक व्याख्यान की सराहना की। कार्यक्रम में कॉलेज के सभी स्टाफ सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।